Shayrix.com पर आपका स्वागत है, अगर आप टूटे हुए भरोसे और दिल के दर्द को शब्दों में बयां करना चाहते हैं, तो आप सही जगह पर आए हैं। यहाँ आपको Bharosa Todne Wali Shayari in Hindi का दिल छू लेने वाला कलेक्शन मिलेगा, जो धोखे और टूटे रिश्तों के एहसास को गहराई से दिखाता है। ये शायरियां उन लोगों के लिए हैं, जो किसी के विश्वासघात को दिल से महसूस कर चुके हैं।
यहाँ मौजूद सभी शायरियों को आप आसानी से Copy and Paste करके WhatsApp, Facebook या Instagram पर आप इस्तेमाल कर सकते हैं। यहाँ आपको Bewafa Shayari, Dhokha Shayari और Sad Hindi Quotes का भी शानदार कलेक्शन मिलेगा, जिससे आप अपने जज़्बातों को खुलकर जाहिर कर सकते हैं।
Bharosa Todne Wali Shayari

काँच और भरोसे में बस एक ही फर्क है जनाब,
काँच गलती से टूटता है और भरोसा जान-बूझकर।
अब किसी की वफ़ा की मिसाल मत देना मुझे,
मैंने अपने ही हाथों से अपना यकीन टूटते देखा है।
गलती मेरी ही थी जो आईने से वफ़ा की उम्मीद की,
भूल गया था कि पत्थर के शहर में अक्स भी बदल जाते हैं।

बहुत शौक था मुझे सबको अपना बनाने का,
होश तब आया जब अपनों ने ही पीठ पर खंजर उतारा।
अब दोबारा किसी पर ऐतबार करने की हिम्मत नहीं,
एक बार जो टूटा है भरोसा, वो फिर जुड़ता नहीं।
चेहरे पढ़ना तो हमने भी सीख लिया है अब,
धोखा खाकर ही सही, इंसान की पहचान सीख ली है अब।

वो कसमों और वादों का महल अब मिट्टी हो गया,
भरोसा क्या टूटा, मेरा सारा जहां ही फीका हो गया।
सफाई देने की अब कोई जरूरत नहीं है तुम्हें,
तुम्हारी खामोशी ने मेरे यकीन का कत्ल कर दिया है।
जिन्हें अपनी जान से ज्यादा अजीज समझा था हमने,
वही लोग आज गैरों की महफिल में हमारा मजाक उड़ाते हैं।
भरोसा टूटता है तो आवाज नहीं होती बस दर्द होता है,
और ये दर्द ही इंसान को पत्थर बना देता है।
भरोसा तोड़ने वाली शायरी 2 Line

यकीन का कत्ल बड़ी सफाई से किया उसने,
अपना बनकर ही पीठ पर खंजर उतारा उसने।
अब किसी की वफ़ा की मिसाल मत देना मुझे,
मैंने खुद अपनी आँखों से अपना भरोसा टूटते देखा है।
गलती मेरी ही थी जो हर चेहरे को अपना समझा,
भूल गया था कि इस शहर में अक्स भी बदल जाते हैं।

बहुत शौक था मुझे सबको दिल का हाल सुनाने का,
होश तब आया जब अपनों ने ही मेरा तमाशा बनाया।
भरोसा एक कांच के टुकड़े जैसा होता है जनाब,
एक बार जो चटका, तो फिर अक्स साफ़ नहीं दिखता।
सफाई देने की अब कोई जरूरत नहीं है तुम्हें,
तुम्हारी खामोशी ने मेरे हर यकीन का गला घोंट दिया है।

जिन्हें अपनी जान से ज्यादा अजीज समझा था हमने,
आज वही लोग गैरों की महफिल में हमारी कमियाँ गिनते हैं।
भरोसा टूटता है तो आवाज नहीं होती बस रूह रोती है,
और यही खामोश दर्द इंसान को पत्थर बना देता है।
चेहरे पढ़ना तो हमने भी अब बखूबी सीख लिया है,
धोखा खाकर ही सही, दुनिया की असलियत जान ली है।
वो कसमों और वादों का महल अब खंडहर हो गया,
एक झूठ क्या बोला तुमने, मेरा सारा जहां ही बिखर गया।
Bharosa Todne Wali Shayari On Life

ज़िंदगी के तजुर्बों ने एक ही बात सिखाई है,
जहाँ यकीन सबसे गहरा था, वहीं सबसे बड़ी खाई है।
सलीका सीख लिया हमने अब अकेले चलने का,
भरोसा टूटने के बाद ही असली मज़ा है संभलने का।
यहाँ हर कोई अपना है बस जरूरत पड़ने तक,
ज़िंदगी का यही सच है हकीकत से लड़ने तक।

उम्र भर की कमाई बस एक पल में राख हो गई,
जब सबसे करीबी शख्स की नीयत बेनकाब हो गई।
अब किसी से कोई गिला नहीं इस ज़माने में,
ज़िंदगी बीत रही है अब खुद को आजमाने में।
किताबों से ज्यादा ठोकरों ने मुझे सबक सिखाया है,
वक्त आने पर अपनों ने ही परायापन दिखाया है।

भरोसा एक काँच का टुकड़ा था जो टूट कर बिखर गया,
ज़िंदगी का वो हसीन ख्वाब अब आँखों से उतर गया।
चेहरे पर मुस्कान और दिल में गहरा घाव रखते हैं,
अब हम भी ज़िंदगी में धोखेबाजों से बचाव रखते हैं।
वक्त और अपनों की फितरत एक जैसी निकली,
भरोसा क्या किया, सारी कायनात ही फीकी निकली।
ज़िंदगी ने मुस्कुरा कर कहा बस एक ही बात,
खुद के अलावा यहाँ कोई नहीं देगा तेरा साथ।
भरोसा तोड़ने वाली शायरी Love

मोहब्बत की इमारत यकीन की नींव पर खड़ी थी,
एक झूठ क्या बोला तुमने, मेरी पूरी दुनिया ही बिखर गई।
वफ़ा का नाम लेकर उसने जो खेल खेला है,
मेरा भरोसा अब उस खुदा से भी उठने लगा है।
जिस दिल में कभी सिर्फ तुम्हारी इबादत होती थी,
आज उसी दिल में तुम्हारी यादों से नफरत होती है।

तुमने तो सिर्फ मेरा भरोसा तोड़ा है जान,
मैंने तो तुम्हारे लिए अपनी पूरी कायनात छोड़ी थी।
अब किसी की बातों पर ऐतबार नहीं होता मुझे,
प्यार में मिले धोखे ने मुझे पत्थर बना दिया है।
वो कसमें, वो वादे, सब एक पल में राख हो गए,
तुम्हारी फितरत बदली और हम बदनाम हो गए।

चेहरे की मासूमियत पर मर मिटे थे हम,
क्या पता था कि इस नकाब के पीछे फरेब का समंदर है।
सफाई देने की अब कोई जरूरत नहीं है तुम्हें,
तुम्हारी आँखों की खामोशी ने मेरा कत्ल कर दिया है।
बहुत शौक था मुझे तुम्हारी वफ़ा की मिसालें देने का,
आज खुद ही अपनी पसंद पर शर्मिंदा हूँ मैं।
भरोसा एक कांच का खिलौना था तुम्हारे लिए,
तुमने तोड़ दिया और हम आज भी जख्म सह रहे हैं।
उम्मीद और भरोसा शायरी

कांच का खिलौना समझकर तुमने मेरा यकीन तोड़ा,
उम्मीद भी टूट गई और तुमने भी कहीं का न छोड़ा।
अब किसी से कोई आस नहीं और न ही कोई शिकायत,
भरोसा टूटने के बाद अब तन्हाई ही मेरी इबादत।
उम्मीद के चिराग बुझा दिए तुमने एक ही पल में,
अब सिर्फ अंधेरा और खामोशी बची है इस दिल में।

बहुत गुरूर था मुझे तुम्हारी वफ़ा और भरोसे पर,
होश तब आया जब तुमने वार किया मेरे ही भरोसे पर।
एक झूठ ने मेरी उम्मीदों का गला घोंट दिया,
भरोसा क्या टूटा, मेरा सारा जहां ही रोक दिया।
जिन्हें अपनी दुनिया समझा था हमने बड़े मान से,
वही लोग आज गिरा रहे हैं हमें अपनी नज़रों के आसमान से।

उम्मीदों का महल अब मिट्टी का ढेर हो गया,
भरोसा टूटना ही मेरी ज़िंदगी का सबसे बड़ा अंधेर हो गया।
सफाई देने की अब कोई जरूरत नहीं है तुम्हें,
तुम्हारी आँखों की बेरुखी ने मेरे यकीन को मार दिया है।
भरोसा एक कांच का टुकड़ा था जो चटक कर रह गया,
उम्मीद का वो हसीन ख्वाब अब आँखों से बह गया।
अब दोबारा किसी पर दिल हारने की हिम्मत नहीं मुझमें,
उम्मीद और भरोसा दोनों का कत्ल कर दिया है तुमने।
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