Shayrix.com पर आपका स्वागत है, अगर आप दिल में छुपी नफरत और टूटे हुए भरोसे के जज़्बातों को शब्दों में बयां करना चाहते हैं, तो आप सही जगह पर आए हैं। यहाँ आपको Nafrat Shayari in Hindi का दमदार कलेक्शन मिलेगा, जो दिल के दर्द और गुस्से को साफ तरीके से पेश करता है। ये शायरियां उन लोगों के लिए हैं, जो अपने जज़्बातों को खुलकर जाहिर करना चाहते हैं।
यहाँ मौजूद सभी शायरियों को आप आसानी से Copy and Paste करके WhatsApp, Facebook या Instagram पर आप इस्तेमाल कर सकते हैं। यहाँ आपको Attitude Shayari, Breakup Shayari और Sad Hindi Quotes का भी शानदार कलेक्शन मिलेगा, जिससे आप अपने दिल की बात बेझिझक कह सकते हैं।
Nafrat Shayari In Hindi

अब नफरत भी क्या करूँ तुझसे,
तू तो अब मेरे गुस्से के भी लायक नहीं।
हमसे हाथ मिलाने की औकात नहीं थी तुम्हारी,
और चले थे दिल से खेलने की तैयारी करने।
अब लौट कर आने की जहमत मत उठाना,
तेरा नाम अपनी लाइफ से मिटा दिया है मैंने।

नफरत करना भी हमने अब छोड़ दिया है,
तुझे तेरी औकात पर ही मोड़ दिया है।
गलती मेरी थी कि तुझे सर पर बिठाया,
वरना तू तो पैरों की धूल के बराबर भी नहीं।
अब तू सामने भी आए तो रास्ता बदल लेते हैं,
गिरे हुए लोगों से अब हम दूरी रख लेते हैं।

मोहब्बत का शौक था तो तुझे खुदा बना दिया,
अब नफरत हुई है तो तुझे मिट्टी में मिला दिया।
तेरी यादों को भी मैंने आग लगा दी है,
जा जी ले अपनी दुनिया, मैंने तुझे आजादी दी है।
जितना प्यार किया था उससे ज्यादा नफरत करूँगा,
अब मर भी जाओ तो तुम्हारी शक्ल नहीं देखूँगा।
दुआ करना कि अब कभी सामना न हो हमारा,
वरना जो हाल होगा वो बर्दाश्त न होगा तुम्हारा।
Nafrat Shayari 2 Line Hindi

मोहब्बत का नकाब उतार कर देखा है मैंने,
तेरे चेहरे के पीछे एक शैतान देखा है मैंने।
अब मेरा गुस्सा भी तेरे नसीब में नहीं,
तू तो अब मेरी नफरत के भी करीब नहीं।
गलती मेरी थी जो तुझे अपना खुदा माना,
शुक्र है वक्त रहते तेरा असली चेहरा पहचाना।

अब लौट कर आने की कोशिश भी मत करना,
मेरी नफरत की आग में जलकर ही मरना।
तूने तो बस मेरा दिल ही तोड़ा था,
मैंने तो तेरी यादों का गला ही घोंटा था।
जिन्हें हम सर पर बिठा कर घूमते थे,
आज वो हमारे पैरों की धूल माँगते हैं।

नफरत इतनी है कि तेरा नाम भी नहीं लूँगा,
अब मर भी जाओ तो कफ़न भी नहीं दूँगा।
वक्त आने पर तुझे तेरी औकात बता दूँगा,
तेरी हस्ती को मिट्टी में ही मिला दूँगा।
बहुत शौक था न तुझे मशहुर होने का,
जा तुझे बदनाम करके हमने आज़ाद कर दिया।
दुआ है कि अब दोबारा कभी मिलना न हो,
तेरी परछाई से भी अब मेरा पाला न हो।
Khud Se Nafrat Shayari In Hindi

कितना मासूम था मैं जो सबको अपना समझ बैठा,
आज अपनी इसी नादानी पर खुद से नफरत होती है।
दूसरों को खुश करने की कोशिश में खुद को खो दिया,
आईने में खड़ा ये शख्स अब मुझे पराया लगता है।
क्यों किया मैंने उन पर इतना अंधा यकीन,
अपनी इस बेवकूफी पर अब खुद को कोसता हूँ मैं।

सबकी नजरों में अच्छा बनने का शौक था मुझे,
आज अपनी ही नजरों में गिर कर बैठा हूँ मैं।
ये कैसा मोड़ आया है मेरी जिंदगी के सफर में,
कि अब अपनी ही परछाई से चिढ़ होने लगी है।
हाथ मिलाया था जिनसे वफा की उम्मीद में,
आज उन हाथों को छूने पर खुद से घिन आती है।

अपनी ही बर्बादी का तमाशा खुद ही देख रहा हूँ,
मैं खुद ही अपना सबसे बड़ा गुनहगार निकला।
काश! थोड़ा वक्त खुद के लिए भी निकाला होता,
तो आज इस हाल में खुद को देख कर रोना न आता।
मेरे अंदर का वो हँसता हुआ इंसान मर गया,
अब तो बस एक चलती-फिरती लाश हूँ मैं।
शिकायत अब किसी और से क्या करूँ भला,
जब अपनी बर्बादी की वजह मैं खुद ही बना।
Nafrat Ki Shayari

अब नफरत भी क्या करूँ तुझसे ऐ बेखबर,
तू तो अब मेरे गुस्से के भी काबिल नहीं रहा।
मिटा दिया है तेरा नाम अपनी जिंदगी की किताब से,
अब दोबारा मत आना वफ़ा का नकाब पहन के।
गलती मेरी थी जो तुझे सर आँखों पर बिठाया,
शुक्र है खुदा का जिसने तेरा असली चेहरा दिखाया।

अब तू सामने भी आए तो रास्ता बदल लेते हैं हम,
गिरे हुए लोगों से अब फासला ही रखते हैं हम।
नफरत की आग में अब जलना छोड़ दिया मैंने,
तुझे तेरी औकात पर ही तन्हा छोड़ दिया मैंने।
जितनी शिद्दत से तुझे चाहा था कभी हमने,
आज उतनी ही बेरुखी से तुझे भुला दिया हमने।

मेरा वक्त खराब था जो तुझे अपना समझ बैठा,
वरना तू तो मेरी नफरत के भी लायक नहीं था।
अब दुआ में भी तेरा नाम नहीं आता जुबां पर,
इतनी नफरत भर दी है तूने इस मासूम दिल में।
बहुत शौक था न तुझे दूसरों का दिल तोड़ने का,
जा आज हमने तेरा गुरूर ही मिट्टी में मिला दिया।
दुआ करना कि अब कभी सामना न हो हमारा,
वरना वो अंजाम होगा जो बर्दाश्त न होगा तुम्हारा।
Nafrat Shayari In Hindi For Girl

अब ना मोहब्बत रही, ना कोई ख्वाब बाकी है,
तुझसे अब सिर्फ नफरत का हिसाब बाकी है।
जिसे दिल दिया था कभी जान से भी ज्यादा,
आज उसी से नफरत करना सीख लिया है मैंने।
तू सोचता होगा मैं आज भी तुझसे प्यार करती हूँ,
पर सच ये है अब तुझे देखना भी गवारा नहीं।

मेरी खामोशी को कमजोरी मत समझना,
अब दिल नहीं करता तुझसे नफरत भी जताने का।
जिसे अपना समझा वही सबसे बड़ा धोखा दे गया,
अब हर चेहरे से नफरत सी होने लगी है।
तेरे झूठे वादों ने इतना तो सिखा दिया,
अब किसी पर भरोसा करने से भी नफरत है।

कभी तेरे लिए रोती थी रातों को,
अब तेरे नाम से भी दिल को सुकून नहीं मिलता।
तू मेरे लायक था ही नहीं शायद,
तभी तो आज तुझसे नफरत करना आसान लग रहा है।
दिल तोड़ा है तूने, एहसान मानना सीख ले,
अब तुझसे नफरत करना भी जरूरी हो गया है।
तू गया तो लगा सब खत्म हो गया,
अब समझ आया तेरे जाने से ही मैं पूरी हुई हूँ।
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