Shayrix.com पर आपका स्वागत है, अगर आप अपने दिल के गहरे जज़्बातों को शब्दों में बयां करना चाहते हैं, तो आप सही जगह पर आए हैं। यहाँ आपको Emotional Shayari in Hindi का दिल छू लेने वाला कलेक्शन मिलेगा, जो हर एहसास को सच्चाई और गहराई के साथ पेश करता है। ये शायरियां उन लम्हों के लिए हैं, जब दिल कुछ कहना चाहता है लेकिन शब्द नहीं मिलते।
यहाँ मौजूद सभी शायरियों को आप आसानी से Copy and Paste करके WhatsApp, Facebook या Instagram पर आप इस्तेमाल कर सकते हैं। यहाँ आपको Sad Shayari, Heart Touching Shayari और Love Shayari का भी शानदार कलेक्शन मिलेगा, जिससे आप अपने जज़्बातों को और भी खूबसूरती से जाहिर कर सकते हैं।
Emotional Shayari In Hindi

बहुत अकेला कर दिया है अपनों ने मुझे,
जैसे मैं किसी के काम का ही नहीं रहा।
शिकवा करें भी तो आखिर किससे करें,
यहाँ तो हर कोई अपनी जगह सही निकला।
हँसते हुए चेहरों का दर्द समझना मुश्किल है,
यहाँ हर कोई अपना गम छुपाकर मुस्कुराता है।

थक गया हूँ खुद को साबित करते-करते,
अब जो जैसा समझे, वैसा ही सही है।
कुछ जख्म ऐसे होते हैं जो दिखते नहीं,
पर उनकी चुभन अंदर ही अंदर मार देती है।
वक्त ने सिखा दिया है खामोश रहना,
वरना कहने को तो बहुत कुछ बाकी था।

टूटे हुए दिल की बस इतनी सी कहानी है,
बाहर सन्नाटा है और अंदर यादों की रवानी है।
अजीब तमाशा है इस मतलबी दुनिया का,
जरूरत हो तो सब याद रखते हैं, वरना भूल जाते हैं।
उम्मीदें जब टूटती हैं तो शोर नहीं होता,
पर उसकी गूँज ताउम्र दिल में रहती है।
अब न किसी की चाहत है और न किसी का इंतज़ार,
अकेले रहना ही अब इस दिल को रास आ गया।
Sad Emotional Shayari In Hindi

दिल के जख्म अब भरते नहीं,
हम तो बस जीने की एक्टिंग करते हैं।
वो जो कहते थे हम जान हैं तुम्हारी,
आज हमें पहचानने से भी इनकार करते हैं।
खामोश चेहरे पर हजारों पहरे होते हैं,
मुस्कुराती आँखों में भी जख्म गहरे होते हैं।

सलीका हमने सीखा है तन्हाई में रोने का,
अब डर नहीं लगता किसी को खोने का।
बहुत अंदर तक तोड़ देते हैं वो आँसू,
जो रात के अंधेरे में चुपचाप निकलते हैं।
फुर्सत मिले तो कभी हाल पूछ लेना,
वरना हम तो कहेंगे कि सब ठीक है।

तकदीर के लिखे पर कभी मलाल न करना,
जो अपना न हो सका उस पर सवाल न करना।
अब तो खुद से मिलने का मन करता है,
सुना है लोग मुझे बहुत बुरा कहते हैं।
अधूरा रह गया मेरा वो हसीन ख्वाब,
जिसमें तुम और मैं कभी एक थे।
साँसें तो चल रही हैं मगर जान नहीं है,
अब इस जिंदगी की कोई पहचान नहीं है।
Heart Touching Emotional Shayari In Hindi

अजीब सा दर्द है इन दिनों दिल में,
न कुछ कहा जाता है और न सहा जाता है।
हम तो अपनी तन्हाई से ही बातें कर लेते हैं,
क्योंकि अपनों के पास अब वक्त कहाँ है।
बहुत अंदर तक तोड़ देते हैं वो आँसू,
जो रात के अंधेरे में चुपचाप निकलते हैं।

शिकवा तो बहुत है मगर खामोश हूँ,
क्योंकि बोलने से रिश्ते और टूट जाते हैं।
कभी-कभी खुद की बहुत याद आती है,
कितने खुश हुआ करते थे हम पहले।
फुर्सत मिले तो कभी हाल पूछ लेना,
वरना हम तो हमेशा यही कहेंगे कि “सब ठीक है”।

वक्त ने सिखा दिया है अकेले चलना,
वरना सहारा तो हमने भी बहुतों का ढूँढा था।
कुछ जख्म ऐसे होते हैं जो दिखते नहीं,
पर उनकी चुभन अंदर ही अंदर मार देती है।
अब न किसी की चाहत है और न इंतज़ार,
अकेले रहना ही अब इस दिल को रास आ गया।
टूटे हुए कांच की तरह चकनाचूर हो गए,
किसी को चुभ न जाएँ इसलिए सबसे दूर हो गए।
2 Line Emotional Shayari In Hindi

वो जो कभी मेरा हाल पूछने को तड़पता था,
आज उसे मेरा रोना भी तमाशा लगता है।
बहुत जी लिए उनके लिए जो हमारे सब कुछ थे,
अब जीना है उनके लिए जिनके लिए हम कुछ भी नहीं।
कदर उनकी करो जो तुम्हारी खामोशी पढ़ सकें,
लफ्जों के खरीदार तो यहाँ बहुत मिल जाएंगे।

सलीका हमने भी सीख लिया है मुस्कुराने का,
जब अंदर से टूट कर बिखर जाने का मन हो।
खुदा जाने कौन सा गुनाह कर बैठे हम,
कि हर अपना शख्स हमें पराया कर गया।
तन्हाई से अब डर नहीं लगता मुझे,
इंसानों के दिए जख्मों ने बहुत कुछ सिखा दिया।

मेरी आँखों के आँसू गवाही दे रहे हैं,
कि मैंने जिसे चाहा उसे कभी पाया ही नहीं।
अजीब सी कशमकश है इस छोटी सी जिंदगी में,
दिल कुछ कहता है और किस्मत कुछ और ही करती है।
खामोशियाँ ही बेहतर हैं इस मतलबी दौर में,
क्योंकि सच बोलने से अक्सर रिश्ते टूट जाते हैं।
अब न किसी का साथ चाहिए न किसी का सहारा,
हम अकेले ही काफी हैं अपनी दुनिया सजाने के लिए।
Emotional Shayari In Hindi Copy Paste

ताउम्र बस एक यही मलाल रहेगा दिल में,
कि जिसे सबसे ज्यादा चाहा, उसी ने न समझा।
अब किसी से कोई उम्मीद ही नहीं रखते हम,
अकेले रहकर मुस्कुराना ही अब हमारा हुनर है।
शोर मचाने से दर्द कम नहीं होता अक्सर,
सन्नाटों में सिसकना ही अब मेरी तकदीर है।

वो जो कहते थे हम साया हैं तुम्हारे,
धूप कड़ी होते ही सबसे पहले साथ छोड़ गए।
आईने से भी अब डर लगने लगा है मुझे,
उसमें भी अब एक थका हुआ इंसान दिखता है।
फुर्सत मिले तो कभी खुद से मिलकर देखना,
दुनिया की भीड़ में तुम भी कहीं खो गए हो।

मेरी खामोशियाँ ही मेरी गवाह हैं अब,
कि मैंने अपनों के हाथों ही खुद को टूटते देखा है।
अजीब मंजर है इस मतलबी दौर का यहाँ,
लोग जख्म भी देते हैं और मरहम भी पूछते हैं।
अब न किसी की फरमाइश है और न इंतज़ार,
अपनी तन्हाई को ही अपना हमसफर बना लिया।
बहुत गहरे दफन हैं कुछ राज़ इस सीने में,
जो बाहर आ गए तो महफ़िल में सन्नाटा छा जाएगा।
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