Shayrix.com पर आपका स्वागत है, अगर आप जाम, यादों और दिल के जज़्बातों को शब्दों में बयां करना चाहते हैं, तो आप सही जगह पर आए हैं। यहाँ आपको Sharabi Shayari in Hindi का खास कलेक्शन मिलेगा, जो दिल की बातों को हल्के नशे और गहरे एहसासों के साथ पेश करता है। ये शायरियां उन लम्हों के लिए हैं, जब इंसान अपनी फीलिंग्स को खुले अंदाज़ में महसूस करना चाहता है।
यहाँ मौजूद सभी शायरियों को आप आसानी से Copy and Paste करके WhatsApp, Facebook या Instagram पर आप इस्तेमाल कर सकते हैं। यहाँ आपको Sad Shayari, Dard Bhari Shayari और Heart Touching Lines का भी शानदार कलेक्शन मिलेगा, जिससे आप अपने जज़्बातों को और भी गहराई से जाहिर कर सकते हैं।
Sharabi Shayari In Hindi

लोग कहते हैं कि मैं बहुत पीता हूँ,
पर सच तो ये है कि मैं हर घूँट में एक लम्हा जीता हूँ।
महफ़िल सजी है और जाम का दौर है,
आज दिल के दर्द को भुलाने का कुछ अलग ही शोर है।
छलकते जाम ने हमसे आज एक राज कह दिया,
कि तन्हाई का साथी ही असली हमराज़ रह गया।

पीने की हसरत नहीं थी हमें कभी साकी,
बस उनकी यादों का ज़हर उतारना अभी बाकी है।
मैखाने की चौखट पर सुकून की तलाश है,
हकीकत कड़वी है, इसलिए शराब ही रास है।
नशा मोहब्बत का हो या शराब का, क्या फर्क पड़ता है,
दोनों में होश खोकर इंसान बस खुद से ही लड़ता है।

बोतल में बंद है वो हर एक गम मेरा,
जो आँखों से छलका तो समंदर कम पड़ेगा मेरा।
साकी! जाम को जरा सलीके से भरना,
आज यादों की महफ़िल में हमें खुद को है खोना।
जाम खाली है पर नशा अब भी गहरा है,
लगता है मेरी तन्हाई पर उनकी यादों का पहरा है।
मयखाने से मेरा पुराना सा नाता है,
जब दुनिया ठुकराती है, तो बस यही सहारा आता है।
Sharabi Shayari 2 Line

मयखाने की चौखट ही अब मेरा ठिकाना है,
दुनिया की बंदिशों से दूर अपना एक ज़माना है।
साकी! जाम में थोड़ा सा दर्द भी मिला देना,
आज यादों के समंदर को पूरी तरह सुखा देना।
शराब को बदनाम करने की ज़रूरत क्या है,
इंसान तो खुद अपनी ही नज़रों से गिर जाता है।

बोतल में बंद है वो हर एक कड़वा सच मेरा,
जो बाहर आया तो महफ़िल का नशा उतार देगा।
जाम खाली है मगर आँखों में खुमार बाकी है,
अभी तो उनकी यादों का पूरा हिसाब बाकी है।
हकीकत की धूप से झुलस गया था मेरा मन,
मैखाने की छाँव ने दिया है रूह को नया जीवन।

हम पीते नहीं हैं बस गम को बहा देते हैं,
एक घूँट में अपनी सारी उम्र भुला देते हैं।
नशा तो उनकी बातों में था जो अब ख़त्म हुआ,
ये तो बस एक जरिया है जीने का जो अब शुरू हुआ।
गिलास में गिरती हर बूंद एक कहानी सुनाती है,
कि तन्हाई भी महफ़िल से ज़्यादा सुकून दिलाती है।
दुनिया कहती है कि मैं होश में नहीं रहता,
पर सच तो ये है कि अब मैं झूठ नहीं कहता।
Sharabi Shayari In Hindi Text

महफ़िल की चकाचौंध से दूर एक कोना ढूंढ लिया,
आज तन्हाई के जाम में मैंने खुद को ढूंढ लिया।
लोग कहते हैं कि बोतल में ख़राब नशा है,
पर सच तो ये है कि इसमें मेरा सारा गम बसा है।
साकी! जाम को जरा सलीके से छलकाना,
आज यादों के मलबे में है एक पुराना फसाना।

हकीकत की कड़वाहट अब बर्दाश्त नहीं होती,
इसीलिए मयखाने की शाम अब हमसे जुदा नहीं होती।
नशा तो उनकी आँखों का था जो अब उतर गया,
ये तो बस एक सहारा है कि वक्त गुज़र गया।
छलकते हुए पैमानों में अक्स नज़र आता है,
बीता हुआ हर लम्हा आज फिर से सताता है।

मैखाने की गलियाँ ही अब रास आती हैं,
दुनिया की बातें तो बस जख्म बढ़ाती हैं।
पीने का शौक नहीं था हमें कभी भी,
बस गम भुलाने का कोई और रास्ता न था अभी भी।
एक घूँट में अपनी सारी उम्र लिख दी,
आज खाली गिलास में भी मैंने अपनी रूह देख ली।
सुकून की तलाश में मयखाने तक आ गए,
जो दर्द लफ़्ज़ों में न था, वो जाम में पा गए।
Sharabi Shayari In Hindi For Girl

आज जाम भी गवाह है मेरी इस बेबसी का,
जो लफ्ज़ों में न ढल सका, वो नशा बन गया ज़िंदगी का।
लोग कहते हैं कि मैं बहक गई हूँ आज,
पर सच तो ये है कि मैंने खुद को पा लिया है आज।
साकी! जाम में थोड़ी सी वफ़ा भी मिला देना,
आज यादों के उस पुराने शहर को जला देना।

नशा तो मेरी आँखों का ही काफी था ज़माने के लिए,
ये तो बस एक बहाना है दुनिया को भुलाने के लिए।
मैखाने की तन्हाई में भी एक अजीब सा सुकून है,
यहाँ न कोई झूठा वादा है और न कोई कानून है।
हकीकत की कड़वाहट से थक गई थी मैं,
शाम ढलते ही जाम की बाहों में बिखर गई मैं।

छलकते हुए पैमाने में अक्स मेरा भी नज़र आता है,
हर घूँट में बीता हुआ वो हसीन कल याद आता है।
पीने का शौक नहीं था मुझे कभी भी साकी,
बस कुछ अधूरे ख्वाबों का ज़हर उतारना था बाकी।
दुनिया की पाबंदियों से दूर एक कोना ढूंढ लिया,
आज लाल परी की संगत में मैंने खुद को ढूंढ लिया।
गिलास में गिरती हर बूंद एक कहानी सुनाती है,
कि तन्हाई भी महफ़िल से ज़्यादा वफ़ा निभाती है।
Sharabi Shayari

होश वालों को क्या खबर बेखुदी क्या चीज़ है,
ज़िंदगी जीने के लिए एक जाम ही काफी चीज़ है।
आज महफ़िल में ज़िक्र मेरा भी छिड़ गया,
जैसे ही साकी ने जाम भरा, मेरा दर्द खिल गया।
हम तो पीते हैं बस उन लम्हों को भुलाने के लिए,
वरना हमें क्या ज़रूरत है खुद को आज़माने के लिए।

बोतल में कैद है मेरी हर वो खामोश सिसकी,
जो बाहर आई तो शहर का चैन छीन लेगी।
मयखाने की हवाओं में एक अलग ही नशा है,
यहाँ हर टूटे हुए दिल का एक अपना ही खुदा है।
छलकते हुए पैमाने अब मेरी गवाही देंगे,
कि हम तन्हाई में कितनी वफ़ादारी करेंगे।

साकी! जाम को जरा और गहरा कर दे,
आज यादों के समंदर पर पहरा कर दे।
लोग ढूंढते हैं सुकून महँगी दुआओं में,
हमने तो इसे पा लिया मयखाने की हवाओं में।
गिलास की खनक में भी एक अजीब सा सुरीलापन है,
जैसे मेरी तन्हाई गा रही कोई दर्द भरा भजन है।
पीकर बहकना तो बस एक बहाना है ज़माने के लिए,
वरना हम तो आज भी खड़े हैं खुद को बचाने के लिए।
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