Shayrix.com पर आपका स्वागत है, अगर आपका मूड ऑफ है और आप अपने दिल के जज़्बातों को शब्दों में बयां करना चाहते हैं, तो आप सही जगह पर आए हैं। यहाँ आपको Mood Off Shayari in Hindi का ऐसा कलेक्शन मिलेगा, जो आपके अंदर छुपी भावनाओं को आसानी से बाहर लाने में मदद करता है। ये शायरियां उन पलों के लिए हैं, जब मन उदास हो और कुछ कहने का दिल करे।
यहाँ मौजूद सभी शायरियों को आप आसानी से Copy and Paste करके WhatsApp, Facebook या Instagram पर आप इस्तेमाल कर सकते हैं। यहाँ आपको Sad Shayari, Alone Shayari और Emotional Shayari का भी शानदार कलेक्शन मिलेगा, जिससे आप अपने मूड को शब्दों में जाहिर कर सकते हैं।
Mood Off Shayari In Hindi

थक गया हूँ खुद को सही साबित करते-करते,
अब खामोशी ही बेहतर है इस शोर भरी दुनिया में।
आज मिजाज कुछ उखड़ा-उखड़ा सा है,
शायद उम्मीदों का कोई पन्ना अंदर से फटा हुआ है।
दिल नहीं करता अब किसी से बात करने का,
बस मन है कहीं खामोशी में खो जाने का।

सब कुछ पास है पर सुकून की कमी है,
आँखें तो सूखी हैं पर रूह में नमी है।
अकेलापन नहीं है ये बस ज़रा उदास हूँ,
मैं अपने ही शहर में आज एक पराया एहसास हूँ।
मत पूछो कि मूड क्यों खराब है मेरा,
बस समझ लो कि आज अँधेरा बहुत गहरा है।

कभी-कभी खुद को भी झेलना मुश्किल होता है,
जब दिमाग में शोर और दिल में सन्नाटा होता है।
शिकायतें तो बहुत हैं पर अब सुनने वाला कोई नहीं,
मूड ऑफ है और इसे समझने वाला कोई नहीं।
चेहरे की मुस्कान आज कहीं छुट्टी पर चली गई,
पुरानी यादों की धूल आज फिर से आँखों में पड़ गई।
लफ्ज़ थक गए हैं अब खुद को बयां करने में,
आज हार मान ली है मैंने दुनिया से लड़ने में।
Mood Off Shayari 2 Line

शोर बहुत है बाहर पर अंदर गहरा सन्नाटा है,
आज खुद की ही बातों से मन मेरा उचाटा है।
शिकायत किससे करें और किसे हाल सुनाएँ,
बेहतर है कि आज हम खामोश ही रह जाएँ।
उम्मीदों का बोझ आज कुछ ज़्यादा ही भारी है,
लगता है आज फिर उदासी की बारी है।

थक गया हूँ मुस्कुराते हुए चेहरे दिखाते-दिखाते,
आज मन कर रहा है कहीं खो जाने का रोते-रोते।
सब कुछ पास होकर भी कुछ अधूरा सा लगता है,
आज खुद का ही अक्स मुझे पराया सा लगता है।
मत पूछो कि किस बात का मलाल है मुझे,
बस आज खुद को झेलना भी मुहाल है मुझे।

भीड़ में खड़े होकर भी आज तन्हा खड़ा हूँ,
मैं अपने ही अंदर मचे एक युद्ध में पड़ा हूँ।
लफ्ज़ थक गए हैं अब खुद की सफाई देते-देते,
खामोशी ही भली है अब तन्हाई सहते-सहते।
चेहरे की हँसी आज कहीं छुट्टी पर चली गई,
पुरानी यादों की धूल फिर आँखों में पड़ गई।
मूड ऑफ नहीं है बस अब किसी से मतलब नहीं,
इस मतलबी दुनिया में अब मेरा कोई मज़हब नहीं।
Mood Off Shayari Boys

शोर करना अब मेरी फितरत में नहीं रहा,
आज मूड खराब है, समझो कि मैं मर गया।
मत पूछो कि किस बात का मलाल है मुझे,
बस आज खुद को झेलना भी मुहाल है मुझे।
हम वो मुसाफिर हैं जो अपनी ही राहों में खो गए,
आज दुनिया की भीड़ से हम ज़रा जुदा हो गए।

अकेलापन नहीं है ये, बस मेरा अपना अंदाज़ है,
आज मेरी खामोशी में ही छुपा मेरा हर राज़ है।
थक गया हूँ सबको खुश रखते-रखते,
आज मन है कहीं गुम हो जाने का खुद से लड़ते-लड़ते।
चेहरे की मुस्कान आज कहीं छुट्टी पर चली गई,
पुरानी कड़वाहट आज फिर से ज़ुबान पर चढ़ गई।

सबके लिए हाज़िर थे हम हमेशा ही यहाँ,
पर आज जब मूड खराब है, तो कोई नहीं यहाँ।
एटीट्यूड मत समझना मेरी इस खामोशी को,
बस आज मन नहीं है सहने का इस मतलबी दुनिया को।
लफ्ज़ कम पड़ गए हैं अपनी उलझन बताने के लिए,
आज अँधेरा ही काफी है सुकून पाने के लिए।
मूड ऑफ है और किसी से कोई उम्मीद नहीं,
इस मतलबी शहर में अब मेरा कोई मुरीद नहीं।
Mood Off Shayari In Hindi For Girl

आज जज्बात सुलझाने की हिम्मत नहीं मुझमें,
बेहतर है कि उलझा हुआ ही छोड़ दो मुझे।
ज़हन में शोर है और ज़ुबान पर ताले पड़े हैं,
आज हम अपनी ही मर्जी के खिलाफ खड़े हैं।
मूड खराब नहीं है बस अब ढोंग नहीं होता,
सब ठीक है कहने का अब मुझसे पाखंड नहीं होता।

अजीब सा चिड़चिड़ापन है आज रूह के अंदर,
जैसे ठहर गया हो मेरे ही भीतर एक समंदर।
मत कुरेदो मेरी चुप्पी को आज तुम लोग,
वरना कड़वाहट का ऐसा सैलाब आएगा कि बह जाओगे।
चेहरा साफ़ है मगर मन में धुंध छाई है,
आज खुद की मौजूदगी भी मुझे बड़ी भारी आई है।

थक चुकी हूँ सबको सफाई देते-देते,
अब बुरा हूँ तो बुरा ही रहने दो मुझे।
आज न कोई उम्मीद है और न ही कोई गिला,
बस अपना ही साथ आज मुझे कुछ खट्टा सा मिला।
बिना बात के ही दिल भारी हो गया है,
जैसे मुकद्दर मेरा किसी और का कर्जारी हो गया है।
आज फ़ोन भी मौन है और मन भी अशांत है,
ये जो दिख रही है बाहर, ये तूफ़ान से पहले की शांत है।
Mood Off Status In Hindi

आज जज्बात सुलझाने की फुर्सत नहीं मुझमें,
बेहतर है कि उलझा हुआ ही छोड़ दो मुझे।
ज़हन में शोर है और ज़ुबान पर ताले पड़े हैं,
आज हम अपनी ही मर्जी के खिलाफ खड़े हैं।
मूड खराब नहीं है, बस अब ‘सब ठीक है’ बोलने का,
मुझसे और पाखंड (नाटक) नहीं होता।

अजीब सी बेचैनी है रूह के अंदर आज,
जैसे ठहर गया हो मेरे ही भीतर कोई तूफ़ान।
मत कुरेदो मेरी इस चुप्पी को आज तुम लोग,
कड़वाहट ऐसी है कि तुम खुद भी सह नहीं पाओगे।
चेहरा साफ़ है मगर मन में गहरी धुंध छाई है,
आज खुद की मौजूदगी भी मुझे बोझ सी आई है।

थक चुका हूँ सबको अपनी सफाई देते-देते,
अब बुरा समझो या पत्थर, फर्क नहीं पड़ता।
आज न कोई उम्मीद है और न ही किसी से गिला,
बस खुद का साथ भी आज मुझे ज़हरीला मिला।
बिना बात के ही दिल आज भारी हो गया है,
जैसे सुकून मेरा किसी और का कर्जारी हो गया है।
आज फोन भी मौन है और मन भी अशांत है,
ये शांति नहीं, किसी बड़े धमाके का संकेत है।
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